मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी डैम पर 30 अप्रैल को हुआ दर्दनाक क्रूज हादसा पूरे प्रदेश के लिए गहरी चिंता और शोक का विषय बन गया। इस दुर्घटना में 13 लोगों की जान जाने के बाद अब एक पुराना वीडियो सामने आया है, जिसने प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 10 अप्रैल का है, जिसमें जिला पंचायत के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि क्रूज पर बैठक करते नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि वीडियो में मौजूद कोई भी व्यक्ति लाइफ जैकेट पहने हुए नहीं दिखता। सुरक्षा नियमों की इस खुली अनदेखी ने यह संकेत दिया है कि नियमों के पालन को लेकर पहले से ही ढिलाई बरती जा रही थी। इस मुद्दे पर पूर्व विधायक संजय यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है, साथ ही जिला पंचायत सीईओ को हटाने की भी बात कही है। जानकारी के अनुसार, उस बैठक में जल निगम से जुड़े अधिकारी, मत्स्य विभाग के प्रतिनिधि और जिला पंचायत के अन्य सदस्य भी शामिल थे। यह पूरा मामला अब एक बड़े सवाल को जन्म देता है—जब नियम बनाने और लागू कराने वाले ही सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करते हैं, तो आम लोगों से नियमों के पालन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है? 30 अप्रैल के हादसे के दौरान तेज आंधी-तूफान में जब क्रूज में पानी भरने लगा, तब घबराहट में यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाने की कोशिश की गई। अगर पहले से सुरक्षा उपायों को गंभीरता से लागू किया गया होता, तो शायद इतनी बड़ी जानहानि टाली जा सकती थी। यह घटना न केवल एक हादसा है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी और सुरक्षा संस्कृति पर भी एक कड़ा सवाल है, जिसका जवाब देना अब जरूरी हो गया है।

